ऑपरेशन सिंदूर

भारतीय सेना ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जब देश की सुरक्षा पर आंच आती है, तब जवाब ना सिर्फ कड़ा होता है, बल्कि ऐसा होता है कि शत्रु वर्षों तक याद रखे। ऑपरेशन सिंदूर, भारत की सैन्य शक्ति का वह प्रदर्शन है जिसने पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित 9 आतंकी ठिकानों को ध्वस्त कर दिया। इस ऑपरेशन के ज़रिए भारत ने यह स्पष्ट कर दिया कि अब आतंक के खिलाफ युद्ध केवल शब्दों तक सीमित नहीं रहेगा।

ऑपरेशन सिंदूर क्या है ?

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए बर्बर आतंकी हमले में निर्दोष नागरिकों की जान जाने के बाद, भारत ने मात्र 14 दिनों के भीतर आतंकियों को करारा जवाब दिया। 6 और 7 मई 2025 की रात भारतीय वायुसेना ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थित 9 आतंकी ठिकानों को सटीकता के साथ निशाना बनाकर एयर स्ट्राइक की। यह कार्रवाई पूरी तरह योजनाबद्ध और गुप्त तरीके से की गई, जिसमें शामिल सभी पायलट और सैन्यकर्मी सफलतापूर्वक मिशन पूरा कर सुरक्षित लौट आए। इस ऑपरेशन ने भारत की सैन्य ताकत, रणनीतिक कौशल और आतंक के खिलाफ उसके अडिग इरादों को दुनिया के सामने स्पष्ट कर दिया।

कर्नल सोफिया कुरैशी ने दी जानकारी:-

Colonel Sofiya Qureshi and Wing Commander Vyomika.
Colonel Sofiya Qureshi and Wing Commander Vyomika.

कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़ी अहम जानकारियां साझा करते हुए बताया कि इस मिशन के तहत पाकिस्तान और PoK में स्थित आतंकियों के 9 ठिकानों को सटीकता से नष्ट किया गया उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पूरे अभियान के दौरान यह सुनिश्चित किया गया कि कोई भी निर्दोष नागरिक प्रभावित न हो। इसके लिए विभिन्न खुफिया एजेंसियों से प्राप्त इनपुट्स को बेहद सावधानी और गंभीरता से परखा गया।

इस मिशन का पहला और प्रमुख लक्ष्य था सवाईनाला कैंप, जिसे लश्कर-ए-तैयबा का एक महत्वपूर्ण अड्डा माना जाता था। इस ठिकाने को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया, जिससे आतंकी गतिविधियों को बड़ा झटका लगा। कर्नल कुरैशी ने यह भी स्पष्ट किया कि ऑपरेशन सिंदूर में केवल आतंकियों के अड्डों को निशाना बनाया गया और पाकिस्तानी सेना के किसी भी सैन्य ठिकाने पर कोई हमला नहीं किया गया। यह रणनीति भारत की सैन्य नैतिकता और केवल आतंकवाद के विरुद्ध लक्षित कार्रवाई की सोच को दर्शाती है।

निष्कर्ष

ऑपरेशन सिंदूर केवल एक सैन्य ऑपरेशन नहीं था, यह भारत की सुरक्षा, रणनीति और आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। इस ऑपरेशन ने न केवल 9 आतंकी ठिकानों को नष्ट किया, बल्कि पाकिस्तान और पूरी दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत अब बदल चुका है – और इस भारत के लिए शांति का मतलब कमज़ोरी नहीं, बल्कि शक्ति है।

यह कार्रवाई हर भारतीय के लिए गर्व का विषय है, और हमारी सेना के शौर्य, समर्पण और रणनीतिक सोच का प्रमाण भी। आने वाले समय में भारत की यह नीति न केवल हमारी सीमाओं को सुरक्षित करेगी, बल्कि आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक लड़ाई में एक मिसाल भी बनेगी।

FAQs

  1. ऑपरेशन सिंदूर कब और क्यों हुआ?
    ऑपरेशन सिंदूर जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के 14 दिन बाद हुआ, जिसमें भारतीय सेनाओं ने पाकिस्तान और PoK में 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया।
  2. ऑपरेशन सिंदूर में कौन-कौन सी सेनाएं शामिल थीं?
    इस ऑपरेशन में भारतीय थल सेना, वायुसेना और नौसेना तीनों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया और तालमेल के साथ कार्रवाई को अंजाम दिया।
  3. इस ऑपरेशन से क्या संदेश दिया गया?
    भारत ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि अब वह आतंक के खिलाफ चुप नहीं बैठेगा, बल्कि घर में घुसकर जवाब देगा।
  4. क्या इस ऑपरेशन में आम नागरिकों को नुकसान हुआ?
    नहीं, ऑपरेशन सिंदूर को इस तरह से अंजाम दिया गया कि केवल आतंकी ठिकानों को ही निशाना बनाया गया और आम नागरिकों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा।
  5. क्या भविष्य में ऐसे और ऑपरेशनों की संभावना है?
    जी हां, भारत की नई रक्षा नीति के अनुसार अब इस तरह के सटीक और त्वरित ऑपरेशन भविष्य में भी हो सकते हैं, ताकि आतंकवाद को जड़ से खत्म किया जा सके।

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Scroll to Top