राष्ट्रीय उद्यान एक संरक्षित क्षेत्र होता है जिसे सरकार द्वारा विशेष रूप से वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा के लिए स्थापित किया जाता है। यहां वनस्पति, जीव-जंतु, और पारिस्थितिक तंत्र को मानव गतिविधियों से बचाने के लिए सख्त नियम और कानून लागू होते हैं। राष्ट्रीय उद्यानों का मुख्य उद्देश्य वन्यजीवों की प्रजातियों को संरक्षित करना और उनकी प्राकृतिक जीवनशैली को बनाए रखना होता है।
राष्ट्रीय उद्यानों में किसी भी प्रकार की शिकार, पेड़ काटना, या अन्य मानवजनित गतिविधियाँ पूरी तरह से प्रतिबंधित होती हैं। यहां तक कि पर्यटन भी नियंत्रित तरीके से और सीमित क्षेत्रों में ही किया जाता है ताकि पर्यावरण को नुकसान न पहुंचे। इसके अलावा, इन उद्यानों में शोध और शिक्षा के लिए भी विशेष सुविधाएँ होती हैं ताकि वैज्ञानिक और प्रकृतिविद विभिन्न वनस्पतियों और जीव-जंतुओं का अध्ययन कर सकें।
भारत में पहले राष्ट्रीय उद्यान के रूप में जिम कॉर्बेट राष्ट्रीय उद्यान की स्थापना 1936 में हुई थी, जो उत्तराखंड में स्थित है। यह उद्यान भारतीय वन्यजीव संरक्षण के इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
राष्ट्रीय उद्यान वन्यजीवों के संरक्षण के साथ-साथ जैव विविधता को बढ़ावा देने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं, जिससे पर्यावरण संतुलन बना रहता है। इसके अतिरिक्त, ये उद्यान पर्यटकों को प्रकृति की सुंदरता का अनुभव करने का अवसर भी प्रदान करते हैं, जिससे उन्हें वन्यजीवों और पर्यावरण के प्रति जागरूकता बढ़ती है।
संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक और सांस्कृतिक संगठन (यूनेस्को) संयुक्त राष्ट्र का एक महत्वपूर्ण घटक निकाय है, जिसका मुख्यालय पेरिस, फ्रांस में स्थित है। यूनेस्को की विश्व विरासत सूची में दुनिया भर के महत्वपूर्ण सांस्कृतिक और प्राकृतिक स्थलों को शामिल किया गया है। भारत में भी, कई ऐसे स्थल हैं जो इस प्रतिष्ठित सूची में शामिल हैं। इनमें से 40 स्थल भारत में स्थित हैं, जिनमें से 7 राष्ट्रीय उद्यान हैं। नीचे दी गई सूची में उन राष्ट्रीय उद्यानों का विवरण है जो भारत में यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में मान्यता प्राप्त हैं:-