होली तो खुशियों का त्योहार है। रंगों से एक-दूसरे को रंगकर पुरानी बातें भुला देते हैं। लेकिन आजकल केमिकल वाले रंग और बिना सोचे-समझे खेलना मुसीबत ला देते हैं।
मेरा एक दोस्त था, लुधियाना में ही रहता है। पिछले साल होली खेली, अगले दिन चेहरा लाल हो गया एलर्जी से। डॉक्टर के चक्कर लगे। ऐसे किस्से तो आपने भी सुने होंगे। इसलिए safe holi celebration का मतलब है – मजा लो, लेकिन किसी को नुकसान न हो। न खुद को, न अपनों को, न पर्यावरण को।
स्किन और आंखों पर असर: केमिकल रंग त्वचा को जला देते हैं। आंखों में चले जाएं तो सूजन, जलन। मेरी पड़ोस वाली आंटी को तो होली के बाद आंखों का ऑपरेशन कराना पड़ा।
ये सब देखकर लगता है, होली का मजा फीका न हो, लेकिन सावधानी बरतें।
अब main point। Eco friendly holi मनाएं, natural colors holi इस्तेमाल करें। ये holi safety tips in hindi फॉलो करें।
मार्केट के चमकदार रंग छोड़ो। फूलों, हल्दी, चंदन से बनाएं। रंग न छंटे, न जलन हो। मेरे गांव में अभी भी यही करते हैं – टेसू के फूल उबालकर लाल रंग।
खेलने से पहले बॉडी पर नारियल तेल या सरसों का तेल लगा लो। चेहरा-हाथ धोने के लिए दूध रखो। बालों में तेल डालो, वरना रंग चिपक जाते हैं। होली के बाद बेसन-दही का उबटन लगाओ। स्किन सॉफ्ट रहेगी।
पिचकारी की जगह स्प्रिंकलर यूज करो या गीले कपड़े से खेलो। बाल्टी में पानी भरकर इस्तेमाल करो। एक दोस्त ने बताया, वो लोग होली में सिर्फ दो बाल्टी पानी यूज करते हैं – सब मजे में खेल लेते हैं। पानी बचाओ, गर्मी में काम आएगा।
बच्चों को हल्के रंग दो, आंखों पर न मारो। बुजurgों से पूछो पहले। जानवरों को घर में बंद कर दो या रंग मत लगाओ। Consent और respect सबसे बड़ा। बिना पूछे किसी पर रंग न फेंको। लड़कियां-महिलाएं असहज हों तो रुको।
ये रंग सस्ते लगते हैं, लेकिन जहर हैं। लेड, मरकरी मिला होता है। स्किन कैंसर, किडनी खराब – डॉक्टर यही कहते हैं। एक बार मेरी बहन ने यूज किया, हाथों पर दाग पड़ गए महीनों तक। आंखों में चला जाए तो नेत्रहीन भी हो सकते हो। Natural ही सेफ।
आजकल जलवायु बदल रही है। पानी कम पड़ रहा। केमिकल रंग मिट्टी खराब करते हैं। Eco friendly holi से हम अपनी धरती बचाते हैं। आने वाली पीढ़ी को साफ हवा मिले। छोटा सा कदम, बड़ा फायदा।
घर पर बनाना आसान। 10 मिनट में हो जाता।
सुखाकर पाउडर बना लो। गुलाल तैयार!
Common mistakes जो होली में लोग कर देते हैं
लोग जल्दबाजी में गलतियां करते हैं।
इनसे बचो, होली सेफ रहेगी।
1. Natural colors कहां से लाएं?
घर पर बना लो या मार्केट में ऑर्गेनिक ब्रांड्स जैसे Khadi Natural। सस्ते और सेफ।
2. Skin allergy हो गई तो क्या करें?
ठंडे दूध से धोओ, एलोवेरा लगाओ। डॉक्टर को दिखाओ अगर ज्यादा हो।
3. पानी बचाने के बेस्ट तरीके?
Dry holi खेलो – सूखे रंगों से। या recycled पानी यूज करो।
4. बच्चों को कैसे सेफ रखें?
हल्के रंग दो, सनस्क्रीन लगाओ। आंखें ढकने वाली चश्मा पहनाओ।
5. जानवरों का क्या ध्यान रखें?
रंग मत लगाओ। घर में रखो। पानी पिलाते रहो।
6. केमिकल रंग पहचानें कैसे?
अगर चमकदार, तेज गंध हो या सस्ता लगे – अवॉइड करो।**
होली बस एक दिन की नहीं, जिंदगी भर की यादें बनती है। बिना नुकसान के होली कैसे मनाएं, ये अपनाकर मजा दोगुना हो जाएगा। अपनों का ख्याल रखो, प्रकृति बचाओ। होली की बधाई! अगली होली तक मिलते हैं। कमेंट में बताओ, तुम्हारा सेफ्टी टिप क्या है?