मात्रक (Unit)

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2025-02-11 | 16:02h
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2025-12-19 | 17:21h
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Rani
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मात्रक (Unit)

परिभाषा :- किसी राशि के मापन के निर्देश मानक को मात्रक कहते हैं |

मात्रक (Unit) मात्रक के प्रकार

मात्रक (Unit) मात्रक 2 प्रकार के होते है

  1. मूल मात्रक (Fundamental Units):-
  2. व्युत्पन्न मात्रक (Derived Units):-

मूल मात्रक (Fundamental Units):-

वे मात्रक जो किसी अन्य मात्रक से प्राप्त नहीं किए जाते, बल्कि भौतिक राशियों की मूल इकाइयाँ होते हैं, उन्हें मूल मात्रक कहा जाता है। इनमें शामिल हैं:
  1. लंबाई – मीटर (m)
  2. द्रव्यमान – किलोग्राम (kg)
  3. समय – सेकंड (s)
  4. विद्युत धारा – एम्पीयर (A)
  5. तापमान – केल्विन (K)
  6. प्रकाशीय तीव्रता – कैन्डेला (cd)
  7. पदार्थ की मात्रा – मोल (mol)
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व्युत्पन्न मात्रक (Derived Units):-

जो मात्रक मूल मात्रकों से मिलकर बनाए जाते हैं, उन्हें व्युत्पन्न मात्रक कहते हैं। उदाहरण के लिए:
  1. क्षेत्रफल – वर्गमीटर (m²)
  2. आयतन – घनमीटर (m³)
  3. वेग – मीटर प्रति सेकंड (m/s)
  4. त्वरण – मीटर प्रति सेकंड² (m/s²)
  5. बल – न्यूटन (N)
  6. कार्य/ऊर्जा – जूल (J)
  7. दाब – पास्कल (Pa)
  8. विभवान्तर – वोल्ट (V)

मात्रक का निर्धारण

मूल मात्रकों को मानकीकृत करने के लिए 1971 में माप और तौल की अंतर्राष्ट्रीय समिति ने मोल (mol) को पदार्थ की मात्रा का मूल मात्रक घोषित किया। इस प्रकार सात भौतिक राशियों - लंबाई, समय, द्रव्यमान, विद्युत धारा, तापमान, ज्योति तीव्रता और पदार्थ की मात्रा को मूल राशियों के रूप में स्वीकार किया गया।

मात्रक पद्धतियां (Systems of Units)

भौतिक राशियों के मापन के लिए मुख्य रूप से 4 \चार प्रकार की मात्रक पद्धतियां प्रचलित हैं:-

CGS पद्धति (Centimeter-Gram-Second System)

CGS पद्धति (Centimeter-Gram-Second System)
इस पद्धति में लंबाई, द्रव्यमान और समय के मात्रक क्रमशः सेंटीमीटर (cm), ग्राम (g) और सेकंड (s) होते हैं। इसलिए इसे "सेंटीमीटर-ग्राम-सेकंड" या "CGS" पद्धति कहा जाता है।
  • लंबाई का मात्रक: सेंटीमीटर (cm)
  • द्रव्यमान का मात्रक: ग्राम (g)
  • समय का मात्रक: सेकंड (s)


MKS पद्धति (Meter-Kilogram-Second System)

MKS पद्धति (Meter-Kilogram-Second System)
इस पद्धति में लंबाई, द्रव्यमान और समय के मात्रक क्रमशः मीटर (m), किलोग्राम (kg) और सेकंड (s) होते हैं। यह CGS पद्धति का एक विकसित रूप है और इसके मात्रक अधिक व्यावहारिक (Practical Units) माने जाते हैं। वैज्ञानिक मापनों में इस पद्धति का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता रहा है।
  • लंबाई का मात्रक: मीटर (m)
  • द्रव्यमान का मात्रक: किलोग्राम (kg)
  • समय का मात्रक: सेकंड (s)


FPS पद्धति (Foot-Pound-Second System)

 FPS पद्धति (Foot-Pound-Second System)
इस पद्धति में लंबाई, द्रव्यमान और समय के मात्रक क्रमशः फुट (ft), पाउंड (lb) और सेकंड (s) होते हैं। इसे "ब्रिटिश पद्धति" भी कहा जाता है।
  • लंबाई का मात्रक: फुट (ft)
  • द्रव्यमान का मात्रक: पाउंड (lb.)
  • समय का मात्रक: सेकंड (s)

SI पद्धति (International System of Units – SI Units)

SI पद्धति (International System of Units)
सन् 1967 में 'अंतर्राष्ट्रीय माप-तौल महाधिवेशन' में SI (System International d'Unités) को मान्यता दी गई। इसमें S का अर्थ "System" और I का अर्थ "International" होता है। इसलिए इसे केवल SI पद्धति के रूप में जाना जाता है।

आजकल सभी वैज्ञानिक और तकनीकी कार्यों में SI पद्धति का ही उपयोग किया जाता है। इस पद्धति में 7 मूल मात्रक और दो संपूरक मात्रक (Supplementary Units) होते हैं।

  • यह आधुनिक और मानकीकृत प्रणाली है।
  • इसमें सभी मात्रक वैज्ञानिक रूप से परिभाषित किए गए हैं।

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