भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के गवर्नर के रूप में संजय मल्होत्रा की नियुक्ति ने सभी का ध्यान आकर्षित किया है। 11 दिसंबर को वह शक्तिकांत दास की जगह लेंगे, जो वर्तमान गवर्नर के तीन साल का कार्यकाल पूरा होने पर यह जिम्मेदारी छोड़ रहे हैं। यह देखना दिलचस्प होगा कि अर्थव्यवस्था को स्थिर करने और नई नीतियों को लागू करने में वह कैसे योगदान देंगे।
संजय मल्होत्रा राजस्थान के निवासी हैं। वह भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1990 बैच के अधिकारी हैं। अपने गृह राज्य में उन्होंने कई विभागों में काम किया, जिनमें ऊर्जा और वाणिज्यिक कराधान शामिल हैं।
संजय मल्होत्रा ने अपनी प्रशासनिक सेवा की शुरुआत केंद्र सरकार में की। 2000 में वह केंद्रीय मंत्री के निजी सचिव के रूप में कार्यरत हुए। इसके बाद 2003 में वह राजस्थान लौटे और खनिज, वित्त, और ऊर्जा जैसे महत्वपूर्ण विभागों में कार्य किया।
मल्होत्रा ने प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर से कंप्यूटर साइंस में स्नातक की डिग्री ली है। इसके अलावा, उन्होंने अमेरिका की प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से सार्वजनिक नीति (पब्लिक पॉलिसी) में स्नातकोत्तर डिग्री भी हासिल की। यह शैक्षिक पृष्ठभूमि उन्हें सार्वजनिक नीतियों और तकनीकी विशेषज्ञता में मजबूत बनाती है।
2020 में वह केंद्रीय विद्युत मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव बने। उन्होंने यहां एक वर्ष तक आरईसी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक के रूप में भी कार्य किया। फरवरी 2022 में उन्हें केंद्रीय वित्त मंत्रालय में सचिव नियुक्त किया गया। उनके अनुभव ने उन्हें आरबीआई निदेशक मंडल में सरकार का प्रतिनिधि बनाया।
संजय मल्होत्रा का मानना है कि महंगाई दर को नियंत्रित करने के लिए सरकार और केंद्रीय बैंक को एक टीम की तरह काम करना होगा।
उच्च ब्याज दरों के कारण अर्थव्यवस्था पर दबाव है, और मल्होत्रा से उम्मीद की जा रही है कि वह रेपो दर में कटौती जैसे निर्णय लेंगे।
संजय मल्होत्रा का अनुभव और विशेषज्ञता उन्हें आरबीआई गवर्नर के रूप में एक उत्कृष्ट विकल्प बनाते हैं। उनकी नीतियां और निर्णय भारतीय अर्थव्यवस्था की दिशा तय करेंगे।
संजय मल्होत्रा कौन हैं?
वह राजस्थान के निवासी और 1990 बैच के आईएएस अधिकारी हैं।
उन्होंने कौन-कौन सी डिग्रियां हासिल की हैं?
उन्होंने आईआईटी कानपुर से कंप्यूटर साइंस और प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी में स्नातक और स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त की है।
उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि क्या है?
नई इनकम टैक्स व्यवस्था लागू करने और कराधान सुधारों में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
आरबीआई में उनकी चुनौतियां क्या हैं?
बढ़ती महंगाई और धीमी विकास दर उनकी सबसे बड़ी चुनौतियां हैं।
वित्त मंत्री के साथ उनके संबंध कैसे हैं?
उनके अच्छे संबंध हैं, जो मौद्रिक और राजकोषीय नीतियों को मजबूत करने में मदद करेंगे।