केन्द्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने संसद में केन्द्रीय बजट 2025-26 पेश किया। लगतार 8 बार श्रीमती निर्मला सीतारमण बजट पेश किया
निर्मला सीतारमण जी ने बजट पेश किया जो उन्होंने साड़ी पहनी हुई थी आपकी जो वाइट रंग की जो साड़ी थी और साथ में एक सोल लिया हुआ था इनको गिफ्ट दिया गया था और एक गिफ्ट दिथी मधुबन की दुलारी जो है पदम श्री दुलारी देवी के द्वारा जो है
ये केन्द्रीय बजट 2025-26 "विकसित भारत" के उपर हैं|
77 min. (1h.17min.) का बजट पेश किया गया हैं
1 फरवरी 2025 का बजट पेश हो रहा है और आठवां बजट लगातार वित्त मंत्री जी के द्वारा पेश किया गया
इसमें 4 इंजन होंगे जो निम्नलिखित हैं
बजट में राज्यों की भागीदारी के साथ ‘प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना’की गई है।
उत्पादन, प्रभावी आपूर्तियों, प्रसंस्करण और किसानों के लिए लाभकारी मूल्य को बढ़ावा देने के लिए राज्यों की भागीदारी से एक व्यापक कार्यक्रम का शुभारंभ किया जाएगा।
मखानों का उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन में सुधार लाने के लिए बिहार में मखाना बोर्ड स्थापित किया जाएगा।
राष्ट्रीय उच्च पैदावार बीज मिशन
राष्ट्रीय उच्च पैदावार बीज मिशन शुरू किया जाएगा किया जाएगा जिसका उद्देश्य अनुसंधान इकोसिस्टम को मजबूत करना, लक्षित विकास और उच्च पैदावार वाले बीजों का प्रसार करना और बीजों की 100 से अधिक किस्मों को वाणिज्यिक स्तर पर उपलब्ध कराना होगा।
सरकार अंडमान और निकोबार तथा लक्षद्वीप जैसे द्वीपों पर विशेष ध्यान देने के साथ भारतीय विशिष्ट आर्थिक क्षेत्र और गहरे समुद्रों से निरंतर मछली पकड़ने को बढ़ावा देने के लिए एक फ्रेमवर्क लाएगी।
कपास की खेती की उत्पादकता और निरंतरता में पर्याप्त सुधार लाने के लिए 5 वर्षीय मिशन की घोषणा की गई है और कपास की अधिक लंबे रेशे वाली किस्मों को बढ़ावा दिया जाएगा।
किसान क्रेडिट कार्ड के माध्यम से लिए जाने वाले ऋणों के लिए ऋण सीमा 3 लाख से बढ़ाकर5 लाख कर दी जाएगी। नामरूप असम में 12.7 लाख मीट्रिक टन की वार्षिक उत्पादन क्षमता वाला एक संयंत्र स्थापित किया जाएगा।
वित्त मंत्री ने विकास के लिए एमएसएमई को दूसरा शक्तिशाली इंजन बताया, क्योंकि यह क्षेत्र हमारे निर्यात का 45 फीसदी है। एमएसएमई को व्यापक स्तर पर उच्चतर कुशलता, तकनीकी उन्नयन और पूंजी के लिए बेहतर पहुंच प्राप्त करने में सहायता देने के लिए सभी एमएसएमई के वर्गीकरण के लिए निवेश और कुल कारोबार सीमाओं को
क्रमशः 2.5 और दोगुना बढ़ाया गया है। इसके अलावा गारंटी कवर के साथ ऋण उपलब्धता को बढ़ाने के लिए भी उपायों की घोषणा की गई है।
उद्यम पोर्टल पर पंजीकृत सूक्ष्म उद्यमों के लिए पहले वर्ष में 5 लाख रुपये तक की सीमा वाले 10 लाख कस्टमाइज्ड क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएंगे।
स्टार्ट-अप के लिए निधियों का कोष
निवेश को वृद्धि का तीसरा इंजन बताते हुए वित्त मंत्री ने लोगों, अर्थव्यवस्था और अभिनव में निवेश को प्राथमिकता दी। 50,000 अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।
5 वर्षों में सरकारी विद्यालयों में अटल टिंकरिंग प्रयोगशालाएं स्थापित की जाएंगी।
श्रीमती निर्मला सीतारमण ने घोषणा की कि भारतनेट परियोजना के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्रों में सभी सरकारी माध्यमिक विद्यालयों और प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्रों को ब्रॉडबेंड कनेक्टविटी प्रदान की जाएगी।
स्कूल और उच्चतर शिक्षा के लिए भारतीय भाषाओं में डिजिटल रूप में पुस्तकें प्रदान करने के लिए भारतीय भाषा पुस्तक योजना की घोषणा।
राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केंद्र
“मेक फॉर इंडिया मेक फॉर द वर्ल्ड” विनिर्माण के लिए हमारे युवाओं को आवश्यक कौशलों से सुसज्जित करने के लिए वैश्विक विशेषज्ञता और भागीदारी के साथ 5 राष्ट्रीय कौशल उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किये जाएंगे।
500 करोड़ रुपए के कुल परिव्यय से शिक्षा हेतु कृत्रिम बुद्धिमत्ता संबंधी एक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित किया जाएगा।
चिकित्सा शिक्षा का विस्तार
5 वर्षों में 75000 और सीटें बढ़ाने के लक्ष्य की दिशा में अगले वर्ष 10000 अतिरिक्त सीटें बढ़ाई जाएंगी।
सभी जिला अस्पतालों में
सरकार अगले 3 वर्षों में सभी जिला अस्पतालों में डे-केयर कैंसर केंद्र स्थापित करने की सुविधा प्रदान करेगी। वर्ष 2025-26 में 200 केंद्र स्थापित किए जाएंगे।
शहरी कामगारों को आमदनी बढ़ाने और स्थायी आजीविका पाने में सहायता करने के लिए उनके सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए एक स्कीम की घोषणा।
इस स्कीम को बैंकों से संवर्धित ऋण 30,000 रुपए की सीमा के साथ यूपीआई लिंक्ड क्रेडिट कार्डों और क्षमता विकास सहायता के साथ नवीकृत किया जाएगा।
सरकार गिग कामगारों के लिए पहचान पत्र और ई-श्रम पोर्टल पर पंजीकरण की व्यवस्था तथा पीएम जन आरोग्य योजना के अंतर्गत स्वास्थ्य देखभाल प्रदान करेगी।
सरकारी निजी भागीदारी में 3 वर्षीय पाइपलाइन परियोजनाओं के लिए अवसंरचना संबंधी मंत्रालय बनाए जाएंगे राज्यों को भी प्रोत्साहित किया जाएगा।
सुधारों के लिए पूंजी व्यय और प्रोत्साहन के लिए राज्यों को 50 वर्ष के ब्याजमुक्त ऋण के लिए डेढ लाख करोड़ रूपए के आवंटन का प्रस्ताव।
घोषित की गई नई परियोजनाओं में 10 लाख करोड़ रुपए की पूंजी के लिए 2025-30 के लिए दूसरी योजना।
बढ़े हुए कुल आवंटन के साथ मिशन को 2028 तक बढ़ाया गया।
एक लाख करोड़ रुपए के शहरी चुनौती कोष की घोषणा जिसे 2025-26 के लिए 10 हजार करोड़ रुपए के आवंटन के प्रस्ताव के साथ वृद्धि केंद्रों के रूप में शहर शहरों का रचनात्मक पुनर्विकास और जल एवं स्वच्छता के लिए प्रस्ताव लागू करने के लिए उपयोग किया जाएगा।
परमाणु ऊर्जा अधिनियम और नागरिक दायित्व परमाणु क्षति अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव।
20 हजार करोड़ रुपए के आवंटन के साथ लघु मॉड्यूलर रियक्टर्स (एसएमआर) के अनुसंधान व विकास के लिए परमाणु ऊर्जा मिशन स्थापित किया जाएगा। 2033 तक 5 स्वदेश विकसित एसएमआर संचालित करने का प्रस्ताव।
पोत निर्माण वित्तीय सहायता नीति को नया रूप दिया जाएगा।
निर्दिष्ट आकार से अधिक विशालकाय पोतों को अवसंरचनासुसंगत मास्टर लिस्ट (एचएमएल) में शामिल किया जाएगा।
25 हजार करोड़ रुपए के आवंटन के साथ समुद्री विकास कोष की स्थापना का प्रस्ताव। इसमें सरकार का योगदान 49 प्रतिशत होगा। शेष योगदान बंदरगाहों और निजी क्षेत्र को करना होगा।
अगले 10 वर्ष में 120 नए गंतव्यों और 4 करोड़ यात्रियों को लाने-ले-जाने के लिए क्षेत्रीय संपर्क बढ़ाने की संशोधित उड़ान स्कीम की घोषणा।
पर्वतीय आकांक्षी और उत्तर-पूर्व क्षेत्र के जिलों में हेलीपैड और छोटे हवाई अड्डों को भी समर्थन दिया जाएगा।
बिहार में ग्रीन पटना एयरपोर्ट और बिहटा में ब्राउनफील्ड एयरपोर्ट की क्षमता के विस्तार के अलावा बिहार में ग्रीन फील्ड एयरपोर्ट की घोषणा।
बिहार में पश्चिमी कोशी नहर ईआरएम परियोजना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी ।
टेलिंग से महत्वपूर्ण खनिजों की रिकवरी के लिए नीति बनाई जाएगी।
सरकार बैंकों और निजी निवेशकों के योगदान के साथ 1 लाख और आवासीय इकाईयों को पूरा करने के कार्य में तेजी करने के उद्देश्य से 15 हजार करोड़ रुपए का कोष बनाने की घोषणा।
चुनौती मोड के जरिये राज्यों की भागीदारी से देश में 50 शीर्ष पर्यटन स्थलों को विकसित किया जाएगा।
श्रीमती सीतारमण ने निर्यात को विकास का चौथा इंजन बताते हुए कहा कि क्षेत्रीय और मंत्रालयी लक्ष्यों के साथ एक निर्यात संवर्धन मिशन का शुभारंभ किया जाएगा, जिसे वाणिज्य मंत्रालय, एमएसएमई मंत्रालय और वित्त मंत्रालय द्वारा संयुक्त रूप से चलाया जाएगा।
उन्होंने कहा कि अंतर्राष्ट्रीय व्यापार के लिए एक डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचा, ‘भारत ट्रेडनेट (बीटीएन)’ का व्यापार दस्तावेज़ीकरण और वित्तपोषण समाधानों के लिए एक एकीकृत प्लेटफॉर्म का प्रस्ताव दिया गया है।
व्यापार प्रलेखन और वित्त पोषण समाधानों के लिए संयुक्त मंच के रूप में अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए भारत ट्रेडनेट (बीटीएन) स्थापित किया जाएगा।
भारत में संपूर्ण प्रीमियम का निवेश करने वाली कंपनियों के लिए बीमा क्षेत्र में एफडीआई की सीमा 74 से बढ़ाकर 100 प्रतिशत की जाएगी।
एनएबीएफआईडी अवसंरचना के लिए कॉरपोरेट बॉंड के उद्देश्य से आंशिक ऋण वृद्धि सुविधा स्थापित करेगा।
सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक एसएचजी सदस्यों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की ऋण आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए “ग्रामीण क्रेडिट स्कोर” फ्रेमवर्क विकसित करेंगे।
पेंशन उत्पादों के विनियमित समन्वय और विकास के लिए एक फोरम की स्थापना का प्रस्ताव।
सभी गैर वित्तीय क्षेत्र संबंधी नियमों, प्रमाण लाइसेंस और अनुमति की समीक्षा करने के लिए विनियामक सुधार हेतु उच्च स्तरीय समिति के गठन का प्रस्ताव।
प्रतिस्पर्धी समन्वित संघवाद की भावना को आगे बढ़ाने के लिए वर्ष 2025 में राज्यों का निवेश अनुकूल सूचकांक शुरू किया जाएगा।
जन विश्वास विधेयक 2.0 में 100 से अधिक प्रावधानों को गैर आपराधिक बनाने के लिए प्रस्ताव।
वित्त मंत्री ने बताया कि उधारियों के अलावा कुल प्राप्तियों का संशोधित अनुमान 31.47 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से निवल कर प्राप्तियां 25.57 लाख करोड़ रुपये है।
उन्होंने ज्यादा जानकारी देते हुए बताया कि कुल व्यय का संशोधित अनुमान 47.16 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें से पूंजीगत व्यय लगभग 10.18 लाख करोड़ रुपये है।
1.वर्ष 2025-26 उधारियो के अतिरिक्त
2.कुल प्राप्तियां 34.96 लाख करोड़ रुपये
3.व्यय क्रमश: 34.96 लाख करोड़ रुपये
4.कुल 50.65 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
5.निवल कर प्राप्तियां 28.37 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान है।
अप्रत्यक्ष करों में 2600 करोड़ रुपये के राजस्व का परित्याग होगा
औषधि/दवाओं के आयात पर राहत :-