डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन :-Teachers Day Special 5 September 2024

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2024-09-04 | 19:56h
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2024-09-05 | 04:35h
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डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन

नाम :- डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन

जन्म :- 5 सितंबर 1988

स्थान :- तिरुतनी ग्राम, तमिलनाडु

पिता :- सर्वेपल्ली वीरास्वामी

माता :- सिताम्मा

पत्नी :- सिवाकमु

Teachers Day का परिचय

Teachers Day शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने का एक विशेष अवसर है। यह दिन शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका को मान्यता देने के लिए मनाया जाता है। भारत में, Teachers Day 5 सितंबर को मनाया जाता है, जो डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के रूप में भी प्रसिद्ध है। विश्वभर में Teachers Day अलग-अलग तारीखों पर मनाया जाता है, लेकिन इसका उद्देश्य एक ही है – शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त करना।

Teachers Day का इतिहास

भारत में Teachers Day की शुरुआत 1962 में हुई थी, जब डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को भारत का दूसरा राष्ट्रपति बनाया गया था। उनके सम्मान में, उनके छात्रों और मित्रों ने उनके जन्मदिन को Teachers Day के रूप में मनाने का निर्णय लिया। Dr. Radhakrishnan ने इस प्रस्ताव को स्वीकार किया और कहा कि उनका जन्मदिन शिक्षकों के सम्मान में मनाया जाए। इसी दिन से, 5 सितंबर को Teachers Day के रूप में मनाया जाता है।

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Teachers Day का महत्व और उद्देश्य

Teachers Day का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के प्रति आभार और सम्मान व्यक्त करना है। यह दिन शिक्षकों की भूमिका और उनके महत्व को उजागर करने के लिए मनाया जाता है। शिक्षा एक ऐसा माध्यम है जो समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकता है, और शिक्षक इस बदलाव के वाहक होते हैं। इस दिन, छात्रों और समाज द्वारा शिक्षकों के योगदान को पहचानने और उनकी सराहना करने का अवसर होता है।

सोशल मीडिया पर Teachers Day

आजकल सोशल मीडिया पर Teachers Day का बहुत बड़ा प्रभाव देखने को मिलता है। विभिन्न प्लेटफार्मों पर शिक्षकों के सम्मान में पोस्ट्स, तस्वीरें, और वीडियो साझा किए जाते हैं। कई स्कूल और संस्थान सोशल मीडिया पर Teachers Day के कार्यक्रमों की लाइव स्ट्रीमिंग भी करते हैं। यह एक ऐसा माध्यम बन गया है जहाँ शिक्षक और छात्र अपने विचार और अनुभव साझा कर सकते हैं।

Teachers Day के उपहार और कार्ड्स

Teachers Day के उपहार और कार्ड्स का विशेष महत्व होता है। छात्रों द्वारा बनाए गए व्यक्तिगत कार्ड्स और संदेश शिक्षकों के लिए बहुत मायने रखते हैं। उपहारों में पेन, डायरी, किताबें, और अन्य उपयोगी वस्तुएं शामिल हो सकती हैं। इन उपहारों के माध्यम से छात्र अपने शिक्षकों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हैं।

Teachers Day के साथ जुड़े हुए अन्य दिवस

Teachers Day के साथ कई अन्य दिवस भी जुड़े हुए हैं, जैसे World Teachers’ Day और Guru Purnima। World Teachers’ Day 5 अक्टूबर को मनाया जाता है और यह दिन शिक्षकों की वैश्विक भूमिका को पहचानने के लिए समर्पित है। वहीं, Guru Purnima एक धार्मिक पर्व है जो गुरु-शिष्य परंपरा का सम्मान करता है। ये दोनों दिन शिक्षकों की भूमिका को पहचानने और उनका सम्मान करने के लिए मनाए जाते हैं।

Dr. Sarvepalli Radhakrishnan का जीवन

Dr. Sarvepalli Radhakrishnan एक महान शिक्षाविद, दार्शनिक, और राजनीतिज्ञ थे। उनका जन्म 5 सितंबर 1888 को हुआ था। वह भारतीय संस्कृति और शिक्षा के प्रचारक थे और उन्होंने भारत को विश्व मंच पर एक नई पहचान दिलाई। उनके विचारों और शिक्षाओं ने न केवल भारत में बल्कि पूरे विश्व में शिक्षा के क्षेत्र में एक गहरी छाप छोड़ी। उन्होंने कहा था कि “शिक्षक वह नहीं है जो छात्र के मस्तिष्क में तथ्यों को जबरदस्ती ठूंसता है, बल्कि वह है जो उसे भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करता है।”

Dr. Sarvepalli Radhakrishnan को दिया गया पुरस्कार :-

  • 1.1954 नागरिकत्व का सबसे बड़ा सम्मान, “भारत रत्न”।
  • 2.1938 ब्रिटिश अकादमी के सभासद के रूप में नियुक्ति।
  • 3.1961 जर्मन बुक ट्रेड का “शांति पुरस्कार”
  • 4.1954 जर्मन के, “कला और विज्ञानं के विशेषग्य”।
  • 5.1962 भारतीय शिक्षक दिन संस्था, हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिन के रूप में मनाती है।
  • 6.1963 ब्रिटिश आर्डर ऑफ़ मेरिट का सम्मान।
  • 7.1968 साहित्य अकादमी द्वारा उनका सभासद बनने का सम्मान (ये सम्मान पाने वाले वे पहले व्यक्ति थे)।
  • 8.1975 टेम्पलटन पुरस्कार। (उन्होंने अपने जीवन में लोगों को सुशिक्षित करने, उनकी सोच बदलने, और एक-दूसरे के प्रति प्यार और एकता को बढ़ावा देने के लिए काम किया। अपनी मृत्यु से कुछ महीने पहले, उन्होंने टेम्पलटन पुरस्कार की पूरी राशि ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय को दान में दे दी। )
  • 1989 ऑक्सफ़ोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा रशाकृष्णन की याद में “डॉ. राधाकृष्णन शिष्यवृत्ति संस्था” की स्थापना।

Dr. Sarvepalli Radhakrishnan का निधन :-

डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का निधन 17 अप्रैल, 1975 को हुआ था. उनके जन्मदिन, 5 सितंबर को भारत में “Teachers Day” के रूप में मनाया जाता है, जो शिक्षा और दर्शन में उनके योगदान को श्रद्धांजलि देता है.

Dr. Sarvepalli Radhakrishnan के विचार :-

  • डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन ने जीवन केंद्रित शिक्षा पर जोर दिया था, इसलिए पाठ्यक्रम इसी पर आधारित होना चाहिए. आलोचनात्मक समझ, रचनात्मकता का पोषण, तार्किक सोच को बढ़ाना, इन सभी की परिकल्पना एनईपी-2020 में भी की गई है.
  • डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन (1956) ने कहा, “शिक्षा को पूर्ण होने के लिए मानवीय होना चाहिए, इसमें न केवल बुद्धि का प्रशिक्षण शामिल होना चाहिए, बल्कि हृदय का परिष्कार और आत्मा का अनुशासन भी शामिल होना चाहिए. कोई भी शिक्षा पूर्ण शिक्षा नहीं मानी जा सकती, क्योंकि इसमें हृदय और आत्मा की उपेक्षा की जाती है.
  • डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का दर्शन अद्वैत वेदांत पर आधारित था, इसलिए वे एक तरह के आदर्शवादी दार्शनिक थे। उन्होंने भारतीय दर्शन की तुलना पश्चिमी दार्शनिक विचारधाराओं से की. उन्होंने अज्ञानी पश्चिमी आलोचना के विरुद्ध हिंदू धर्म और भारतीय दर्शन का महिमामंडन किया.
  • डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन अद्वैत वेदांत पर आधारित आदर्शवादी थे, इसलिए शिक्षा का मुख्य उद्देश्य भौतिक दुनिया के साथ समन्वय में आत्मा का उत्थान करना था, ताकि परम सत्य की खोज की जा सके। उन्होंने शिक्षा द्वारा बच्चों के समग्र विकास पर जोर दिया.
  • डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन का मानना ​​था कि अनुशासन व्यक्ति का निजी मामला है, इसे लागू नहीं किया जा सकता. यह आत्मा के अंदर से आना चाहिए, इसलिए वे आत्म अनुशासन में विश्वास करते थे. योग और आध्यात्मिक गतिविधियों से विद्यार्थियों में आत्म अनुशासन का पोषण किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि अच्छे चरित्र से अच्छा अनुशासन बनता है, इसलिए चरित्र निर्माण शिक्षा का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए.

Dr. Sarvepalli Radhakrishnan के पुस्तके :-

  1. रिलीजन एंड सोसाइटी.
  2. द एथिक्स ऑफ़ वेदांत.
  3. माई सर्च फॉर ट्रूथ.
  4. द रेन ऑफ़ कंटम्परेरी फिलासफी.
  5. इंडियन फिलासफी.
  6. द एसेंसियल ऑफ़ सायकलॉजी.
  7. द फिलासफी ऑफ़ रवीन्द्रनाथ टैगोर.

FAQs

Teachers Day क्यों मनाया जाता है?
Teachers Day शिक्षकों के प्रति सम्मान और आभार व्यक्त करने के लिए मनाया जाता है, जो समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

Teachers Day की शुरुआत कैसे हुई?
भारत में Teachers Day की शुरुआत 1962 में डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन के अवसर पर हुई थी।

Teachers Day पर क्या उपहार देना चाहिए?
Teachers Day पर पेन, डायरी, किताबें, और व्यक्तिगत कार्ड्स अच्छे उपहार हो सकते हैं।

Teachers Day पर कौन-कौन से कार्यक्रम होते हैं?
स्कूलों और कॉलेजों में सांस्कृतिक कार्यक्रम, नृत्य, गीत, और नाटक आयोजित किए जाते हैं। शिक्षकों को सम्मानित भी किया जाता है।

Teachers Day और World Teachers’ Day में क्या अंतर है?
Teachers Day भारत में 5 सितंबर को मनाया जाता है, जबकि World Teachers’ Day 5 अक्टूबर को विश्वभर में मनाया जाता है।

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