गति

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2025-02-16 | 13:08h
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2025-12-19 | 17:18h
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1 गति की परिभाषा (Definition of Motion):- AMP

गति की परिभाषा (Definition of Motion):-

जब किसी वस्तु की स्थिति (position) समय के साथ बदलती है, तो कहा जाता है कि वस्तु गतिमान (motion) है। वस्तु की स्थिति में समय के साथ होने वाला यह परिवर्तन ही गति कहलाता है।

उदाहरण:

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  • आसमान में उड़ता हुआ हवाई जहाज।
  • ट्रैक पर दौड़ता हुआ धावक।
  • सड़क पर चलते हुए वाहन।
  • स्कूल के बच्चे ले जाती हुई चलती बस।

गति के उदाहरण (Example of Motion)

गति के उदाहरण वह हर वस्तु हो सकता है जो समय के साथ अपने स्थान अथवा जगह को बदल लेता है जैसे चलती हुई बस, चलती हुई साइकिल, चलते हुए व्यक्ति, नदी में तैरती हुई नाव आदि गति का सटीक उदाहरण है।

सामान्यत:-

गति की दो अवस्था होती है पहली अवस्था को हम गति अवस्था कहते हैं। जिसमें वस्तु अपना समय के साथ स्थान को बदलता है और दूसरी अवस्था विरामावस्था को कहते हैं। जिसमें वस्तु समय के साथ अपना स्थान को नहीं बदलता है।

गति के प्रकार (Types of Motion)

  1. सरल रेखीय गति
  2. घूर्णन गति
  3. आवर्त गति
  4. वृत्तीय गति
  5. विराम गति
  6. दोलन
  7. प्रक्षेप्य गति
  8. एक समान गति
  9. कम्पन गति

सरलरेखीय तथा स्थानान्तरीय गति (Rectilinear and Translatory Motion)

जब कोई कण एक सरल रेखा में गतिमान होता है, तो उसकी गति को सरलरेखीय गति (Linear Motion) कहा जाता है। वहीं, जब कोई वस्तु (कण के अलावा) एक सीधी रेखा में गतिमान होती है, तो उसकी गति को स्थानांतरीय गति (Translational Motion) कहा जाता है।

वृत्तीय तथा घूर्णन गति (Circular and Rotatory Motion)

जब कोई कण किसी वृत्ताकार मार्ग पर गति करता है, तो उसकी गति को वृत्तीय गति (Circular Motion) कहा जाता है। वहीं, जब कोई वस्तु किसी स्थिर अक्ष के चारों ओर इस प्रकार गति करती है कि उसके प्रत्येक कण का मार्ग वृत्ताकार होता है और उन सभी वृत्तों का केंद्र उस अक्ष पर स्थित होता है, तो उस वस्तु की गति को घूर्णन गति (Rotational Motion) कहा जाता है।

दोलनी तथा कम्पनिक गति (Oscillatory and Vibratory Motion)

जब कोई वस्तु किसी निश्चित बिंदु के आसपास आगे-पीछे या इधर-उधर गति करती है, तो उसकी गति को कम्पनिक गति या दोलनी गति (Oscillatory Motion) कहा जाता है। दोलन करने वाली वस्तु का उसकी माध्य स्थिति (Mean Position) से किसी भी दिशा में अधिकतम विस्थापन ही उस वस्तु का आयाम (Amplitude) कहलाता है।
यदि दोलनी गति में आयाम बहुत कम होता है, तो इसे विशेष रूप से कम्पनिक गति कहा जाता है।

उदाहरण:-
घड़ी के लोलक (Pendulum) की गति।

गति निर्देशांकों (Coordinates) की संख्या के आधार पर गति को तीन प्रकारों में वर्गीकृत किया जा सकता है:-

1. एकविमीय गति (One-Dimensional Motion)

जब किसी वस्तु की स्थिति केवल एक दिशा में बदलती है, तो उसे एकविमीय गति कहा जाता है।

जब कोई वस्तु एक सरल रेखा के अनुदिश गति करती है, तो उसकी गति को एकविमीय गति कहते हैं। उदाहरण:

  • सीधे रास्ते पर चलती हुई कार।
  • रेल की पटरियों पर चलती हुई रेलगाड़ी।

2. द्विविमीय गति (Two-Dimensional Motion)

जब किसी वस्तु की स्थिति दो दिशाओं में बदलती है, तो इसे द्विविमीय गति कहा जाता है।

जब कोई वस्तु एक समतल (Plane) में गति करती है, तो उसकी गति द्विविमीय गति कहलाती है। उदाहरण:

  • क्रिकेट में हवा में फेंकी गई गेंद की गति।
  • मैदान पर दौड़ते खिलाड़ी की गति।

3. त्रिविमीय गति (Three-Dimensional Motion)

जब किसी वस्तु की स्थिति तीन दिशाओं में बदलती है, तो इसे त्रिविमीय गति कहा जाता है।
जब कोई वस्तु अंतरिक्ष (Space) में गति करती है, तो उसकी गति को त्रिविमीय गति कहा जाता है। उदाहरण:-
  • पक्षियों की उड़ान।
  • आसमान में उड़ता हुआ हवाई जहाज।
  • समुद्र में तैरती मछली।

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